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श्रुत पंचमी पर मां जिनवाणी की निकाली शोभायात्रा


बांसवाड़ा - राजस्थान

क्रांतिवीर मुनि प्रतीक सागर महाराज के सान्निध्य में शुक्रवार को बाहुबली कॉलोनी में हुए सरस्वती महा आराधना महोत्सव में मां जिनवाणी की शोभा यात्रा निकाली और बच्चों को अमृत दीक्षा के तहत अमृत संस्कार दिए गए। महाराजश्री ने आज बांसवाड़ा में नया इतिहास रच दिया। सूर्योदय के समय सफेद वस्त्र और मस्तक पर मुकुट धारण कर बच्चे मंदिर में आने लगे तो क्षेत्र वासी उन्हें एक टक देखते नजर आए।

श्रुत पंचमी महामहोत्सव के अवसर पर अमृत संस्कार विधि के तहत मुनि श्री ने सरस्वती मंत्र का उच्चारण किया और बच्चों को विशेष विधि से ऊं मंत्र का उच्चारण करवाया। साथ ही प्रार्थना कर कार्यक्रम में मौजूद बच्चों की जिह्वा पर केसर से श्री लेखन और मस्तक पर पुष्प क्षेपण कर सरस्वती प्रसन्न का आशीर्वाद दिया। बाद में बाहुबली कॉलोनी में गाजे बाजों के साथ मां जिनवाणी का भव्य जुलूस निकाला गया। जिसमें समाज की महिलाएं और पुरुष सिर पर मां जिनवाणी धारण कर श्रद्धा से नृत्य करते नजर आए। इस दौरान क्रांतिवीर संत मुनि प्रतीक सागर महाराज के जयकारे लगाए गए। शोभा यात्रा में जैन समाज के बालक और बालिकाएं हाथों में पंचरंगी धर्म ध्वजाएं लिए हुए उत्साह से भाग लेते नजर आए। जुलूस का समापन दिगंबर जैन मांगलिक भवन में हुआ। भवन में मुनि श्री के मार्ग दर्शन में श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते भक्ति भाव के साथ मां जिनवाणी के चरणों में 108 अर्घ्य समर्पित किए। पूजन के समय पुरा भक्त समुदाय जिनवाणी और गुरु के भजनों पर झूम उठा। मुनि श्री को शास्त्र भेंट मुकेश बड़ोदिया परिवार ने किए। पादप्रक्षालन विपिन जैन परिवार जनों ने जिनवाणी मां पालना झुलाया। विनय जैन कलिंजरा वालों मनसुखलाल परिवार वालों ने 1008 दीपों से मंगल आरती उतारी। मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज ने श्रुत पंचमी महोत्सव पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कि गुरु जो करे वह मत करो गुरु जो कहे वह करो तो आपका कल्याण निश्चित है। शिष्य को योग्य गुरु की केवल तलाश नहीं होती गुरु को भी योग्य शिष्य कि तलाश होती है। धरसेन आचार्य को आचार्य पुष्पदंत और भूत बलि जैसे दो शिष्य मिले तो षटखंडागम ग्रंथ की रचना हुई। मुनि श्री ने आगे जीवन में एक गुरु जरूर होना चाहिए जिस के जीवन में गुरु नहीं होता उन का पतन हो जाता है, जैसे रावण और कंस । मरने के बाद पुण्य पाप गुरु मंत्र ही साथ जाता है। मुनि श्री ने आगे कहा गुरु की परीक्षा मत करो गुरु कि प्रतीक्षा करो। गुरु से तर्क नहीं गुरु के चरणों में समर्पण करो। तर्क नरक का द्वार है, समर्पण मोक्ष कि सीढ़ी है। कार्यक्रम में महावीर बोहरा, महेंद्र जैन, नरेंद्र चितौड़ा, महिपाल शाह, सुभाष सेठ मौजूद रहे। मंच संचालन युवा मंडल अध्यक्ष शैलेंद्र ने किया।

सर्व धर्म युवक युवती संस्कार महोत्सव कल

मुनिश्री के सान्निध्य में शहर के सभी धर्म जाति के युवक-युवतियों के लिए विशेष युवक-युवती संस्कार महोत्सव का कार्यक्रम रविवार सुबह 8: 30 से 10 बजे तक दिगंबर जैन मांगलिक भवन बाहुबली कालोनी में रखा गया है। जिसमें सभी धर्म के युवक-युवतियों को आमंत्रित किया गया है। इस दिन मुनि श्री जीवन में कामयाब कैसे हों, तनाव को कैसे करें छूमंतर, परिवार में खुशियां कैसे लाएं आदि विषयों पर मार्ग दर्शन देंगे। सुमतिनाथ युवा मंडल ने अधिक से अधिक संख्या में सभी धर्म जाति के युवक युवतियाें से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है।

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