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भगवान शांतिनाथ के जयकारों से गूंजी कुंभलगढ़ की वादियां



राजस्थान - कुंभलगढ़

वोराठ के सबसे बड़े मजेरा गांव में नवनिर्मित जैन मन्दिर की प्राण प्रतिष्ठा बुधवार को विजय आचार्य रविशेखर महाराज के सानिध्य में हुई। जिसमें हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। इससे पूर्व मंगलवार सुबह जैन सकल संघ की ओर से भव्य वरघोड़ा निकाला गया।


फूलों की हुई बरसात प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर बुधवार को सुबह हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की गई तथा विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन हुआ।


शोभायात्रा में हाथी घोड़े बने आकर्षण जिसमें हाथी, घोड़े, ऊंट के अलावा विभिन्न अंचलों से आए लोक कलाकारों की झांकियां मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहीं। भव्य वरघोड़ा रविशेखर महाराज एवं अन्य जैन साधु-साध्वियों के सानिध्य में मन्दिर चौक से रवाना होकर पूरे गांव में घूमता हुआ पुन: जैन मन्दिर पहुंच कर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में आजीविका कमाने वाले जैन समुदायक के बड़ी संख्या में युवक युवतियां मजेरा पहुंचे। महिलाओं एवं पुरूषों के एक ही प्रकार के परिधान होने से वरघोड़े की सुन्दरता में चार चांद लग गए। इससे पूर्व गत १५ फरवरी को मूलनायक शांतिनाथ भगवान का मंगल प्रवेश पूर्ण-विधिविधान एवं अनुष्ष्ठान के साथ प्रन्यास प्रवर विरल विजय महाराज एवं सूर्य शेखर महाराज के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ था। १७ अप्रेल से प्रारंभ हुआ नौ दिवसीय अंजन शलाका कार्यक्रम रवि शेखर सुरीश्वर महाराज, प्रन्यास प्रवर ललित शेखर विजय, मुनिराज सूर्य शेखर विजय, विरलरत्न विजय, विराजरत्न विजय, नम्र रत्न विजय एवं बोधीरत्न विजय, साध्वी शोम्यारसा श्रीजी, सुरेखा श्रीजी, उपेंद्र यशाश्रीजी, कमलप्रभा श्रीजी, पुण्य रशाजी एवं ललित प्रभा श्रीजी आदि ठाणा की पावन निश्रा में पूर्ण विधि -विधान के साथ चल रहा है।