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जैन संत हरिमुनि का देवलोक गमन


उचाना : एसएस जैन सभा उचाना में विराजित आचार्य प्रवर सुभद्र मुनि महाराज के सुशिष्य तप सम्राट हरिमुनि महाराज शनिवार दोपहर को देव लोक हो गया। वे 80 साल के थे। बड़ौदा गांव के रहने वाले हरिमुनि तप अधिक करते थे। ऐसे में उनको तप सम्राट की उपाधि दी गई थी। हाल में वो पंजाब के नवांशहर में रमेश मुनि महाराज के साथ पथ यात्रा धर्म विचरण कर जन-जन में सेवा, प्रेम, सौहार्द, सछ्वावना का संदेश दे रहे थे। उनका देवलोक धर्म उपासना के साथ सम्पन्न हुआ। रविवार को उनका बड़ौदा गांव में शाम को अंतिम संस्कार किया जाएगा।

आचार्य सुभद्र मुनि महाराज ने बताया कि हरिमुनि ने गुरुदेव योगीराज, रामजी लाल, रामकृष्ण महाराज से बचपन में लगभग 65 वर्ष पूर्व धर्म संस्कार प्राप्त किए थे। उनका जन्म चारित्र चूड़ामणि मायाराम महाराज की जन्म तीर्थ भूमि बड़ौदा गांव में हुआ। 1995 में जैन तीर्थ संन्यास अमींनगर सराय मेरठ में स्वीकार कर तप-त्याग, सेवा, विनय , साधना, जप-पाठ समाज उत्थान प्रेरणा के साथ-साथ जीवन में आठ, पंद्रह, तीस, पचास, 53 दिवसीय तप साधना अनेक बार की। हर साल होली, दीपावली पर विशेष साधना मौन के साथ करते थे। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, यूपी, हिमाचाल, जम्मू आदि क्षेत्रों में धर्म प्रचार किया। अखिल भारतीय जैन समाज मुनि मायाराम जैन संघ आदि सभी जैन सभाओं ने शोक-संवेदना प्रकट की।