Search

जैसा होगा मित्र, वैसा बनेगा चरित्र : पंकज मुनि


कोयम्बत्तूर.

एक अच्छा और सच्चा मित्र हीरे के समान होता है जो जीवन को सजा- संवार देता है। गलत मित्र कोयले समान होता है। जलता कोयला उठाने पर हाथ जलेगा तो बुझा हुआ उठाने पर हाथ में कालिख लग जाएगा। ये बातें पंकज मुनि ने रविवार को ओपनकारा स्ट्रीट जैन स्थानक में चातुर्मास के दौरान प्रवचन के दौरान की। उन्होंने कहा कि जीवन में मित्र का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। हर बात माता-पिता या बच्चों से नहीं कह सकते लेकिन मित्र से हर प्रकार की बात कही जा सकती है।

उन्होंने कहा कि आज के युग में अच्छे दोस्त बड़े नसीब से मिलते हैं। अच्छे मित्र की पहचान है जो मित्र की बुराइयों व व्यसनों को जीवन से दूर करे। दुख-सुख में मित्र का पूरा साथ दे। पीठ पीछे भी मित्र की तारीफ करे और मित्र को सद्गुणों से जोड़े। प्रवचन के बाद धार्मिक पोस्टकार्ड सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं व बच्चों ने भी उत्साह से भाग लिया।