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जैन समाज में विश्व को बदलने की क्षमता


बेंगलूरु. ऑल इंडिया श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन कांफ्रेंस कर्नाटक प्रांत की ओर से गणेशबाग में मंगलवार को उपाध्याय प्रवर प्रवीण ऋषि, ज्ञान मुनि, साध्वी निधि ज्योति, साध्वी पुनीतज्योति आदि ठाणा के सान्निध्य में आयोजित अक्षय तृतीया पारणोत्सव में ६१ तपस्यिों का पारणा करवाया गया।


उपाध्याय प्रवर ने कहा कि एक दूसरे की काट छांट बंद कर दें तो पूरी दुनिया का नक्शा बदलने का सामथ्र्य अकेले जैन समाज में है। उन्होंने जैन समाज के युवाओं को एकजुट रहने की सलाह देते हुए कहा कि लडऩा है तो शासन के दुश्मनों से लड़ो अपनों से लडऩे का क्या फायदा? ज्ञान मुनि ने कहा कि तपस्या कोई आसान काम नहीं है। तपस्या को लेकर उन्होंने एक छोटा सा रोचक वाकया भी सुनाया। उन्होंने कहा कि चाय चमेली, चाय मोगरा, चाय गुलाब का फूल, पियो चाय, फिर लगो काम पर, चाय बिना सब धूल...।


उन्होंने कहा कि जिस दिन पेट को अन्न नहीं मिलता है पूरी रात तारे ही गिनते निकल जाती है। तीर्थेषऋषि, लोकेश मुनि, साध्वी निधिज्योति, साध्वी पुनीतज्योति भी मंचासीन थे।


महिला मंडल की रसीलाबाई मरलेचा, आरती बुरड़, सरलाबाई दुग्गड़, सपना सिंघवी, निर्मलाबाई सांखला, सूरजबाई कोठारी ने मंगलाचरण किया। समारोह में जैन कांफ्रेंस के पदाधिकारियों व सदस्यों द्वारा एक लाख पच्चीस हजार रुपए एकत्रित कर कोरमंगला गौशाला को भेंट करने की घोषणा की गई। जैन कॉन्फ्रेंस कर्नाटक प्रान्त के अध्यक्ष महावीर चंद धोका ने बताया कि 61 महिला एवं पुरुष तपस्वियों को पारणा करवाया गया। महामंत्री जंबू कुमार दुग्गड़ ने बताया कि कांफ्रेंस की ओर से बेंगलूरु में यह पहला पारणा महोत्सव है।


समारोह में विश्वस्त मंडल के चेयरमैन केसरीमल बुरड़, सिटी संघ के अध्यक्ष चेतनप्रकाश डूंगरवाल, जैन कांफ्रेंस के प्रांतीय कार्याध्यक्ष आनंद कोठारी, बाबूलाल रांंका, पारसमल लोढ़ा, शांतिलाल लोढ़ा, अशोक रांका, रतन सिंघवी, सुरेश कातरेला, महेंद्र कोठारी, उत्तम बांठिया, महावीर मेहता, अजित धोका, चम्पालाल मकाणा, राजेंद्र प्रसाद कोठारी, महावीर चंद रुणवाल, मीठालाल मकाणा, भंवरलाल पगारिया आदि उपस्थित रहे। कोषाध्यक्ष किशोर दलाल ने बताया कि आचार्य दर्शनार्थ हवाई यात्रा संघ की ओर से आचार्य डॉ शिवमुनि व युवाचार्य महेंद्र ऋषि व अन्य संतों के दर्शनार्थ विभिन्न धार्मिक स्थलों के भ्रमण के लिए रवाना होगा।